पुलिसकर्मियों ने पढ़ा मानवता का पाठ

स्वविवेक से कार्य करे पुलिसकर्मी

जमशेदपुर:एक्सएलआरआई परिसर में पुलिस के लिए आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन पुलिसकर्मियों को कानूनों के संबंध में विस्तृत रुप से मध्यप्रदेश के सेवानिवृत डीजीपी टीके आर्या ने जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि वे स्वविवेक से कार्य करें। किसी के बोलने व दबाव में आकर नहीं। पूछताछ में किसी को प्रताड़ित नहीं करें। बल्कि उससे कानून के दायरे में ही जानकारी हासिल करने का प्रयास करे। आर्या ने पुलिसकर्मियों को बताया कि हरिजन आदिवासी एक्ट मामले में किस तरह कार्य करना चाहिए। अनुसंधान के पहलू क्या हों? इसके बाद हिरासत में मौत मामले में क्या-क्या कानून है और इसमें मानवाधिकार आयोग के क्या नियम है इससे पुलिसकर्मियों को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि हिरासत में हुयी मौत मामले में पुलिस निशाना बनती है। इस कारण इसकी लिखा-पढ़ी में विशेष रुप से सतर्कता बरतें। उन्होंने अनुसंधान के टिप्स पुलिसकर्मियों को दिया। कार्यशाला के दूसरे दिन विधि व्यवस्था डीएसपी कन्हैया उपाध्याय, मुख्यालय दो के डीएसपी राजकिशोर प्रसाद समेत कोल्हान के पुलिसकर्मी शामिल हुए। कार्यशाला का गुरुवार को समापन है।

Courtesy: Dainik Jagran 12.04.2012

 

जमशेदपुर : वर्तमान परिवेश व परिपेक्ष्य में पुलिस मानवाधिकार आयोग के नियमों का पालन किस तरीके से करे। इसे लेकर एक्सएलआरआइ प्रेक्षागृह में पुलिसकर्मियों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अंतरराष्ट्रीय रेड क्रास सोसाइटी संगठन द्वारा किया गया। इसमें कोल्हान प्रमंडल के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआइ एवं वरीय पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला के पहले दिन पुलिसकर्मियों को मानवाधिकार अयोग के नियम पर मध्यप्रदेश के सेवानिवृत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टीके आर्या ने विस्तृत पूर्वक जानकारी दी। अतिथि आर्मी विंग कमांडर पद से सेवानिवृत हुए प्रफुल्ल बक्शी ने पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में काम करने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस ही ऐसी है जिसका सीधा सामना आम लोगों से होता है। इस कारण वह चर्चा में भी रहती है पुलिस के जिम्मे हर कार्य है। मंदिर-मस्जिद पर हमला हो गया तो उस पर किस तरीके से काबू करना हैं ताकि सांप्रदायिक सद्भाव भी कायम रहे और कार्य भी हो जाए इस पर विस्तार पूर्वक उन्होंने जानकारी दी। इससे पूर्व कार्यशाला के उद्घाटन में एसएसपी अखिलेश कुमार झा, सिटी एसपी अजय लिंडा, विधि व्यवस्था डीएसपी कन्हैया उपाध्याय समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित हुए। बुधवार को कार्यशाला का दूसरा दिन है।

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डीजीपी ने दिए सुझाव :-

* पुलिसकर्मी अपने कार्य के दौरान ऐसा कोई बर्ताव लोगों से न करें, जिससे मानवाधिकार के नियमों का उल्लघंन होता हो।

* थानों में आयोग के नियम को बकायदा प्रकाशित करे। ताकि थाने में आने-जाने वाले लोग पढ़ सके और अधिकार के प्रति जागरूक हों।

* थाने में किसी को भी पूछताछ के लिए रखने पर इसकी जानकारी अवश्य उसके परिजनों को दे। रखने के कारण बताएं। उनके प्रति अच्छा व्यवहार रखें।

* आम लोगों से समन्वय बनाकर कार्य करें। पुलिस ऐसा कार्य करे कि उसका मानवीय चेहरा नजर आए।

* मुठभेड़ मामले में आयोग द्वारा तय मानक का अवश्य पालन करे।

Courtesy: Dainik Jagran 11.04.2012


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