भा.क.पा.(माओ0) सहदेव मांझी तथा नेमचंद महतो को पकड़ने में गिरिडीह पुलिस सफल

गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस द्वारा दिनांक- 21.03.2012 को टेक सेल, गिरिडीह एवं टेक सेल, रांची के माध्यम से प्राप्त सूचना पर गिरिडीह पुलिस एवं सी0आर0पी0फ0 22 बटालियन के संयुक्त अभियान में भा.क.पा.(माओ0) संगठन के बिहार-झारखण्ड- उत्तरी छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया कमिटि (BJNCSAC)एवं स्पेशल मिलिट्री कमिशन के सदस्य तथा जे0बी0जोन के इंचार्ज सहदेव मांझी उर्फ परवेज दा उर्फ अमलेश दा उर्फ अनुज दा एवं पूरबी बिहार तथा उत्तरी झारखण्ड जोनल कमिटि (जे0बी0जोन) के सदस्य नेमचंद महतो उर्फ साकेत जी उर्फ संजीव जी उर्फ डाक्टर को दिनांक- 22.03.12 को सुबह करीब 04.00 बजे तिसरी थाना के बेलाटांड़ जंगल क्षेत्र से गिरफतार किया गया। उक्त अभियान के लिए पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह के द्वारा एक टीम का गठन किया गया जिसका नेतृत्व श्री संजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, अभियान, गिरिडीह के द्वारा किया गया एवं उनके सहयोग हेतु परीक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षक श्री कैलाश करमाली एवं श्री प्रभात रंजन बरवार, थाना प्रभारी, निमियाघाट पु0अ0नि0 सतीश कुमार, थाना प्रभारी, बगोदर पु0अ0नि0 रविश कुमार सिंह, स0अ0नि0 ललन प्रताप सिंह, स0अ0नि0 राघवेन्द्र सिंह, दोनों बगोदर थाना एवं टेक सेल के पु0 558 राधा कुमार, पु0 अजीत कुमार सिंह, पु0 विनोद मिश्रा एवं सी0आर0पी0फ0 22 बटालियन के उप समादेष्टा एम.के. सिंह, तथा उनका क्यू0ए0टी0 बल तथा गिरिडीह जिला का क्यू0आर0टी0 बल को शामिल किया गया । दोनों उग्रवादियों से घटनास्थल पर ही गहनता से पूछ-ताछ किया गया तो उन दोनों ने घुठिया, ढोंगाचट्टी जंगल में बारूदी सुरंग एवं अन्य सामान छिपाकर रखे होने की बात बतायी एवं उक्त सामान बरामद करवाने की भी बात बतायी । उक्त क्षेत्र में झारखण्ड एवं बिहार पुलिस तथा सी0आर0पी0एफ0 बलों का संयुक्त रूप से पूर्व से विशेष अभियान ‘‘ विकास‘‘ चल रहा था । उक्त अभियान में शामिल झारखण्ड एवं बिहार पुलिस तथा सी0आर0पी0एफ0 बलों के सहयोग से घुठिया एवं ढोंगाचट्टी के जंगलों में सर्च आपरेशन चलाया गया जिसके क्रम में उक्त दोनों उग्रवादियों की निशानदेही पर बंकर को ध्वस्त करते हुए उसमें छिपाकर रखा हुआ निम्नलिखित सामान बरामद हुआ:-

जप्त साम्रगी का विवरण:-

कोडेक्स वायर :- 02 क्वायल

डेटोनेटर :- 276 पीस

जिलेटिन :- 100 पीस

पी.भी.सी.वायर :- 100 मीटर

विन्डोलिया :- 17 पीस

सिलिंग :- 12 पीस

बड़ा पांच :- 05 पीस

केन बम :- 03 पीस (01 करीब 25 के.जी. )

राईफल 315बोर काः- 01

पिस्टल :- 01 मैगजीन सहित

7.62 बोर का कारतूस:- 35 चक्र

5.56 बोर का कारतूस:- 14 चक्र

ए.के.47 का कारतूस :- 39 चक्र

गोली का खोखा - 54

उल्लेखनीय है कि अगले आने वाले दो वर्षो में सहदेव मांझी उर्फ परवेज दा उर्फ प्रवेश दा उर्फ अमलेश दा उर्फ अनुज दा को भा0क0पा0 माओ0 के सेंट्रल कमिटि में शामिल कर लिए जाना था। इन दोनों उग्रवादी के गिरफतारी से पूर्वी बिहार एवं उत्तरी छोटानागपुर के इलाको में माओवादी संगठन के रीढ़ टुट गयी है। इनकी गिरफतारी से संगठन के विस्तार पर भारी असर पड़ेगा। पुछताछ के दौरान सहदेव मांझी उर्फ परवेज दा उर्फ प्रवेश दा उर्फ अमलेश दा उर्फ अनुज दा कई महत्वपूर्ण उग्रवादी घटनाओं में अपनी संलिप्तता की बात स्वीकार किया जिनमें से कुछ प्रमुख उग्रवादी घटना इस प्रकार है:- भेलवाघाटी नरसंहार वर्ष 2005 में मेरे एवं चिराग दा,संकीण दा एवं अल्वर्ट दा के नेतृत्व में गिरिडीह जिला अन्तर्गत भेलवाघाटी में 15 ग्रामीणों की सामुहिक हत्या कर दी गई थी । यह घटना भेलवाघाटी में उग्रवादियों के विरूद्ध ग्रामरक्षा दल के गठन के कारण किया गया था। ग्राम रक्षादल पार्टी विरोधी कार्य कर रहा था। चिलखारी घटना ( पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी जी के पुत्र की हत्या) वर्ष-2007 में मेरे निर्देश पर जीतन मरांडी के नेतृत्व में श्री बाबूलाल मरांडी एवं उनके समर्थकों को सबक सिखाने के नियत से चेलखारी गांव में आयोजित संस्कृतिक कार्यक्रम में दस्ता सदस्यों द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों को घेर 18/19 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई । जिसमें बाबूलाल मरांडी का बेटा अनुप मराण्डी भी मारा गया । पुलिस अधीक्षक,सुरेन्द्र बाबु की हत्या वर्ष-2005 में कजरा स्टेशन पर जी0आर0पी0 थाना लूट की घटना के बाद पुलिस के आने के अन्देषा पर मेरे निर्देशन में छोटा सुनील एवं अल्वर्ट के नेतृत्व में भीमबांध वाले रास्ते में तीन लैंडमाईन्स लगाकर एम्बुस किया गया । पुलिस पार्टी कई गाडि़यों से दूसरे दिन कजरा स्टेशन के तरफ जा रही थी उसी क्रम में माईन्स बलास्ट किया गया एवं फायरिंग की गई । जिसमें एस0पी0 सुरेन्द्र बाबू की गाड़ी बलास्ट में उड़ गई एवं एस0पी0 सहित कई पुलिसकर्मी मारे गये । कई हथियार भी हाथ लगे । पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी जी के अनुज नुनूलाल मराण्डी के उपर हमला वर्ष 2010 में नुनूलाल मरांडी के हत्या के उद्धेश्य से मेरे आदेश पर चिराग दा के नेतृत्व में कमल दा,मदन दा,किशोर दा,साकेत दा एवं गुड्डू दा द्वारा मोटरसाईकिल से दो ए0के0-47 एवं कुछ अन्य छोटा हथियार लेकर चतरो में नुनूलाल मरांडी के उपर हमला किया गया ,परन्तु उनके गार्ड द्वारा फायरिंग किये जाने के कारण हमला विफल हो गया । ट्रकों की लूट वर्ष 2001 में सुधीर दा एवं मेरे नेतृत्व में बगोदर थाना क्षेत्र के जी0टी0 रोड में त्रिला मोड़ के पास से छः ट्रकों को अगुवाकर चेचाकी की तरफ ले जाकर सभी सामान लूट लिया । इस क्रम में पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुआ । इस घटना के कुछ दिन बाद पुनः ट्रकों को अगुवाकर लूटपाट किया । वर्ष-2002 में प्रदीप दा,सुनील दा एवं मेरे नेतृत्व में ग्राम टहकर थाना-सोनो ने चार ग्रामीणों की हत्या कर दिये थे । यह घटना हमारे साथी कृष्णा वर्णवाल की हत्या के बदला स्वरूप की गई थी । चैकीदार की हत्या वर्ष-2005 में मेरे नेतृत्व में जमुई जिला के सोनो थानान्तर्गत चरका पत्थर के चैकीदार चेतु यादव की हत्या किये थे । वर्ष-2005 में जमुई जिला अन्तर्गत सोनो थाना के विजया गाॅव में ग्रामीण नारायण यादव की हत्या मेरे एवं अल्वर्ट के नेतृत्व में की गई थी । उसकी हत्या अपराधी होने के आरोप में की गई है । वर्ष 2005 में जमुई जिला के चन्द्रमण्डी थानान्तर्गत बेड़ा गाॅव में चैकीदार बासुदेव पासवान की हत्या मेरे एवं मंजीत दा के नेतृत्व में की गई थी । जी0आर0पी0 थाना पर हमला वर्ष 2005 में कजरा स्टेषन पर स्थित जी0आर0पी0 थाना पर मेरे निर्देशन में अल्वर्ट एवं छोटा सुनील दा (कामेश्वर बैठा) का बेटा के नेतृत्व में हमला किया गया । जिसमें 04-05 हथियार छीना गया । स्कोर्ट पार्टी पर हमला वर्ष-2006 में चैरा होल्ट के पास (जमुई स्टेशन से पूरब) ट्रेन में छोटका सुनील दा के नेतृत्व में एवं मेरे निर्देशन में हमला किया गया,जिसमें तीन पुलिस रायफल लूटा गया । जी0आर0पी0थाना की लूट वर्ष 2008 में बड़का सुनील दा एवं मेरे नेतृत्व में झाझा स्टेशन पर स्थित जी0आर0पी0 थाना पर योजाबद्ध तरीके से हमला किया । जिसमें कई पुलिसकर्मियों को मारकर कुल-44 पुलिस हथियार लूटे गये । सभी हथियार जे0बी0 जोन एवं अन्य जोन में बांट दिये गये । वर्ष 2008-09 में मेरे निर्देशन में सब जोन कमाण्डर कुंदन रविदास के नेतृत्व में जमुई जिला के चन्द्रमण्डी थानान्तर्गत बामदा बाजार में दो व्यक्ति विषुनदेव साव एवं सुखदेव साव की हत्या कर दी गई । दोनों की पुलिस मुखबिर के कारण हत्या की गई । स्कोर्ट पार्टी पर हमला वर्ष 2008 में जे0बी0 जोन के सचिव अरविन्द यादव के नेतृत्व में अभयपुर स्टेषन एवं कजरा स्टेशन के बीच ट्रेन में जी0आर0पी0 के पुलिस स्कोर्ट पार्टी पर हमला किया गया एवं पुलिसकर्मियों की हत्या कर तीन रायफल लूट लिया गया । पुलिस पेट्रोलिंग पर हमला वर्ष 2008 में एक जनवरी को मेरे निर्देशन में चिराग दा एवं दीपक दास के नेतृत्व में मुंगेर जिला के खड़गपुर थाना के पुलिसपेट्रोलिंग पार्टी पर रिसीकुनू के पास हमला किया गया । जिसमें पुलिसकर्मियों की हत्याकर दो ए0के0-47 रायफल एवं दो इन्सास रायफल जप्त किये गये । मुखिया की हत्या वर्ष 2004 के मुंगेर जिला के खड़गपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत के मुखिया अरूण यादव की हत्या मेरे तथा अल्वर्ट एवं दीपक दास के द्वारा मिलकर कर दी गई थी । वह एक दबंग मुखिया था । एकबार पार्टी के सदस्य को मारपीट किया था तथा पार्टी विरोधी था इसी कारण उसकी हत्या की गई । साथ ही सफल यादव द्वारा गर्दन काटा गया था । खेसर थाना पर हमला वर्ष 2006 में मेरे निर्देशन में अल्वर्ट एवं सुनील के नेतृत्व में वांका जिला के खेसर थाना पर हमला किया गया जिसमे कई हथियार लूटे गये । बी0एम0पी0 पुलिस कैम्प पर हमला वर्ष 2010 में भागलपुर जिला के अकबरनगर थाना में अकबरनगर में ही स्थित बी0एम0पी0 कैम्प पर मेरे निर्देशन में झारखण्ड रिजनल के सदस्य समीर दा के नेतृत्व मे हमला किया गया । जिसमें हथियार बरामद किये गये । पुलिसकर्मी लुकस टेटे की हत्या एवं पुलिस टीम पर हमला वर्ष 2010 में मेरे नेतृत्व में चिराग दा,समीर दा एवं अरविन्द यादव के साथ मिलकर हमलोगों ने लखीसराय जिला के कजरा थानान्तर्गत शीतलाकोरासी में गई पुलिस छापामारी टीम पर हमला कर दिये । एवं कई पुलिसकर्मियों की हत्या कर कुल-33 हथियार बरामद/लूट किये साथ ही चार पुलिसकर्मियों को अगुवा कर लिये जिसमें से एक पुलिकर्मी लुकस टेटे की हत्या कर दिये एवं अन्य को मुक्त कर दिये । पुलिस मुठभेड़ जमुई जिलान्तर्गत हासीकोल में हमलोगों के टीम के साथ जमुई पुलिस का वर्ष 2010 एवं वर्ष 2011 में दो बार भीषण मुठभेड़ हुआ लेकिन हमलोगों की कोई क्षति नही हुई । मुंशी/मजदूर का अपहरण कुछ महीना पहले मेरे निर्देशन में सिधु दा एवं चीराग दा के नेतृत्व में लेवी प्राप्त करने के उद्धेश्य से जमुई जिला के खैरा प्रखण्ड अन्तर्गत दो जगहों से कुल-11 ठिकेदार एवं मुंशी एवं मजदूर का अपहरण कर लिये एवं बाद में 15 लाख लेवी लेकर सबों को मुक्त कर दिया । लेवी के लिए अपहरण लगभग एक महीना पहले गिरिडीह जिला के बेंगाबाद थाना क्षेत्र से रोड ठिकेदार के छः मजदूरों का मेरे निर्देशन में पिन्टु एवं मदन के नेतृत्व में लेवी हेतु अपरहण किया गया । जिसे बाद मे पुलिस के दबाव में मुक्त कर दिया गया । लालधारी यादव की हत्या करीब तीन महीना पहले गिरिडीह जिला के देवरी थाना क्षेत्र के मण्डरो में जमीन विवाद की शिकायत पर लालधारी यादव की सिद्धु के नेतृत्व में हत्या कर दी गई । राजेश हेम्ब्रम की हत्या करीब तीन महीना पहले गिरिडीह जिला के देवरी थाना क्षेत्र के राजाडुमन के राजेश हेम्ब्रम की पुलिस मुखबिरी के आरोप में मेरे निर्देशन पर पिन्टु एवं सिद्धु के नेतृत्व में हत्या कर दी गई । नेमचंद महतो उर्फ साकेत जी उर्फ संजीव जी उर्फ डाक्टर के द्वारा स्वीकार किये गये महत्वपूर्ण कांडो की विवरणी:-

  •   वर्ष 2009-10 में भागलपुर स्टेशन पर रेलवे में बी0एम0पी0 चैकी लुटने की घटना में शामिल ।
  •   वर्ष 2011 में माह अप्रैल में बाॅका में मुठभेड़ की घटना जिसमें 8-10 उग्रवादी मारे गये थे ,में शामिल ।
  •   सिकारीपाड़ा (दुमका) में वर्ष 2007-08 में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ जिसमें एक दारोगा मारा गया था,की घटना में शामिल ।
  •   लखीसराय जेल से कोर्ट में पेशी के दौरान कोर्ट से मिसिर बेसरा जी को भगाने की घटना में शामिल 
  •  लखीसराय में लुकस टेटे (दरोगा) एवं दर्जनों पुलिस के मराने एवं हथियार लुटने की धटना मे शामिल।
  •  झाझा स्टेशन पर वर्ष 2007 में जी0आर0पी0 थाने से रायफल लूट की घटना में शामिल ।
  •  वर्ष 2010 में सोनो (जमुई) थाना गेट के पास जिसमें छः पुलिस मारे गये थे कि घटना में शामिल ।
  •  वर्ष 2002 मंे कौआकोल जंगल में उड़ीसा के पर्यटकों की गाड़ी उड़ाने की धटना में शामिल ।
  •   सिकन्दरा थाना में लछुआड़ मेला में पुलिस राईफल लूटने एवं पुलिसकर्मी के मारे जाने की घटना में शामिल ।
  •   तिसरी थाना के सिधवासोत जंगल में वर्ष 2002-03 में मराण्डी जी के काफिला पर हमला की घटना जिसमें एक पुलिस मारा गया था।
  •  वर्ष 2002-03 में गाॅवा थाना के चैकीदार सुकर की हत्या की घटना में शामिल ।  संयुक्त बिहार के समय तिसरी थाना में लूट की घटना में शामिल ।
  •  वर्ष 2002-03 में वरियारडीह (मरकच्चो) पिकेट लूट की घटना में शामिल ।
  •   वर्ष 2005 में देवरी थाना में पब्लिक का हाथ,कान काटने की घटना में शामिल ।
  •   वर्ष 2005-06 में घटित भेलवाघाटी नरसंहार की घटना में शामिल ।
  •   वर्ष 2007 में घटित चिलखारी नरसंहार की घटना में शामिल ।
  •   वर्ष 2011 में देवरी मे मीरा तिवारी के घर पर नुनूलाल मरांडी पर हमला की घटना में शामिल ।
  •  कौआकोल में चन्दरवर गाॅव में रविदास जयन्ती मेला के अवसर पर हमला जिसमें दरोगा एवं 17 पुलिस मारे गये थे तथा दो ए0के0-47,10 एस0एल0आर0 एवं 07 इन्सास रायफल लूटाया था की घटना में शामिल ।
  • वर्ष 2002-03 में लछुआड़ मेला घटना से एक महीना पहले तोपचांची पिकेट पर हमला,जिसमें दर्जनों पुलिस मारे गये थे की घटना में शामिल ।
  •  हजारीबाग जिला के गोरहर थाना को जलाने की घटना में शामिल ।
  •  वर्ष 2002 में बगोदर थाना क्षेत्र मे जी0टी0 रोड से आठ ट्रक को अगुवा करने की घटना में  शामिल ।
  •  वर्ष 2005 में होमगार्ड कैम्प ,पचम्बा से रायफल लूट की घटना में शामिल ।
  •  वर्ष 2002 में डुमरी थाना के भावानन्द गाॅव में हुए पुलिस मुठभेड़ जिसमें एक एस0एल0आर0 रायफल लूटाया था ,कि घटना में शामिल ।
  • वर्ष 2008 में उड़ीसा राज्य के कन्धमाल में घटित हथियार लूट जिसमें पांच-छः हजार हथियार लूटाया था ,कि घटना में शामिल ।

पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह।


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