राज्य में 597 माओवादी मारे गए: मुख्यमंत्री

रांची: राज्य में पिछले ग्यारह वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 597 नक्सली मारे गए और 4530 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में पिछले एक वर्ष में 47 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए और 440 उग्रवादी गिरफ्तार किए गए। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के कुल 24 जिलों में से 18 घोषित रूप से उग्रवाद प्रभावित हैं और उनमें से 17 अति उग्रवाद प्रभावित हैं। अति उग्रवाद प्रभावित 17 जिलों में योजना आयोग प्रायोजित समग्र विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत तय कई विकास योजनाओं का गंभीरता से क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि झारखंड के निर्माण के बाद यहां नक्सली गतिविधियों में वृद्धि हुई है। गृह विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2005 में जहां राज्य में कुल 20 नक्सली मारे गए थे, वहीं 2006 में 29 नक्सली मारे गए। इसके बाद 2007 में 45, 2008 में 50, 2009 में 76 और 2010 में 49 नक्सली मारे गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बल का आधुनिकीकरण कर उसे सशक्त बनाया जा रहा है। एक जमाना था जब उग्रवादी पुलिस बल पर हावी थे, लेकिन अब सुरक्षा बल उग्रवादियों पर हावी हैं और उन पर अंकुश लगाने में सफल हो रहे हैं। पिछले दो वर्षो में नक्सलियों के अनेक प्रशिक्षण स्थलों एवं बंकर नष्ट करने में सफलता मिली है। विशेषकर सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया अभियान बहुत सफल रहा। सुरक्षा बलों ने बिना कोई नुकसान उठाए उग्रवादियों के इस बड़े अड्डे को खाली कराकर उन्हें वहां से खदेड़ने में सफलता हासिल की। अब वहां केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है ताकि फिर से उग्रवादी वहां अपने पैर न पसार सकें। नक्सल विरोधी अभियान को धार देने के लिए प्रभावित क्षेत्रों के 118 थानों में पुलिस बलों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। इसी क्रम में पिछले वर्ष 13 हजार सिपाहियों की नियुक्ति की गई। इसके अलावा राज्य में पांच इंडिया रिजर्व बटालियन का गठन किया गया है। आदिम जनजातियों की एक इंडिया रिजर्व बटालियन (पहाडि़या बटालियन) भी गठित की गई है। केन्द्रीय बलों पर राज्य की निर्भरता कम करने के लिए झारखंड सशस्त्र वाहिनी की चौदह अतिरिक्त कंपनियों का सृजन करने के लिए अलग महिला बटालियन का भी गठन किया गया है। उग्रवादियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों का दस्ता तैयार किया गया है और 12 आधुनिक बम निरोधक दस्तों का गठन किया गया है। पुलिस और राज्य की जनसंख्या में अनुपात को आदर्श स्तर पर लाने के लिए 93 नए थानों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लिए 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर राज्य में 298 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

Courtesy: Dainik jagran 09.04.2012


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