गिरिडीह (18/08/2018): हार्डकोर नक्सली ने किया आत्मसमर्पण, अजय महतो दस्ते का था सदस्य

District: 
Date of Achievement: 
18/08/2018
Nature of Work: 
Achievement Against Naxals

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गिरिडीह: पारसनाथ थाना क्षेत्र में हार्डकोर नक्सली बाबूचंद मरांडी ने आत्मसमर्पण नीति के तहत शनिवार को डीसी मनोज कुमार और एसपी सुरेंद्र कुमार झा की मौजूदगी में सरेंडर कर दिया। बाबूचंद नक्सली संगठन के अजय महतो दस्ते का सदस्य है। 9 जून 2017 को ढोलकट्टा में कोबरा और गिरिडीह पुलिस के संयुक्त टीम के साथ और 31 जनवरी 2018 को मधुबन में सीआरपीएफ के साथ हुए मुठभेड़ में भी शामिल था।

9 जून 2017 को हुए मुठभेड़ में बाबूचंद मरांडी के मुंह में गोली लगी थी। बाबूचंद ने बताया कि एक तरफ माओवादियों के संगठन में आदिवासियों को शोषण, अनिश्चित भविष्य, भय से आक्रांत जीवन और दूसरी तरफ सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का लाभ, मुख्य धारा में लौटने के लिए आकर्षक आत्मसमर्पण की नीति एंव जीवन की नई शुरुआत देने के मौके ने उसे माओवाद छोड़कर मुख्य धारा में आने के लिए प्रेरित किया।

बाबूचंद के आत्मसमर्पण में उसके भाई प्रकाश मरांडी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। माओवादी बाबूचंद के भाई प्रकाश ने गिरिडीह एसपी सुरेन्द्र झा और एएसपी दीपक कुमार से संपर्क कर बाबूचंद के संगठन छोड़कर समाज के मुख्यधारा से जुड़ने की बात कही। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने प्रकाश से संपर्क कर बाबूचंद से सरेंडर कराने को कहा। शनिवार को गिरिडीह-डुमरी रोड स्थित नवनिर्मित पुलिस लाइन में कार्यक्रम के दौरान माओवादी बाबूचंद को जहां डीसी मनोज कुमार, एसपी सुरेन्द्र झा, सीआरपीएफ सीईओ अनिल भारद्वाज, कमांडेंट ने संयुक्त रूप से माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर संगठन छोड़ने को लेकर उत्साह बढ़ाया। सरेंडर पॉलिसी के तहत बाबूचंद को 50 हजार नकद प्रोत्साहन राशि भी दिया। इस दौरान बाबूचंद को संगठन से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उसके भाई प्रकाश को भी अधिकारियों ने शॉल व माला पहनाकर सम्मानित किया।

Courtesy: https://www.bhaskar.com/jharkhand/dhanbad/news/naxalite-babu-chand-marandi-surrender-in-giridih-5940325.html

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